उत्तर प्रदेश में घट रही आपराधिक घटनाओं को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में घट रही आपराधिक घटनाओं पर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी सरकार में अराजकता को खुली छूट मिली हुई है। लूट, अपहरण, बलात्कार की शर्मनाक घटनाओं के साथ गरीबों के घरों पर राक्षसी बुलडोजर कहर ढा रहा है। महिलाओं और मासूम बच्चियों के लिए उत्तर प्रदेश सर्वाधिक असुरक्षित प्रांत हो गया है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि गृह मंत्रालय ही पदमुक्त अकर्मण्य डीजीपी का चयनकर्ता था। वहीं सबसे ज्यादा अव्यवस्था है। बीजेपी सरकार के वसूली तंत्र ने समूची पुलिस व्यवस्था को कलंकित कर रखा है। कानपुर की चकेरी पुलिस के बाद अर्मापुर पुलिस की कथित वसूली की फिक्स रेट लिस्ट की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दबिश के नाम पर पुलिस घरों में घुसकर महिलाओं से अभद्रता के मामले में नया इतिहास रच रही है। प्रयागराज में न्याय और सुरक्षा को ठोकर मारकर पुलिस ने जातीय वैमनस्यता में महिलाओं से मारपीट की। पुलिस थानों में रेप हो रहा है। इतना ही नहीं मासूम बच्चियों तक को दुष्कर्म का शिकार बनाया जा रहा है। बांदा में 5 साल, बुलन्दशहर में 8 साल, सीतापुर में 10 साल और प्रयागराज में 13 साल की बच्ची से रेप की शर्मनाक घटनाएं घटी हैं।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि बुलंदशहर में गरीब घर पर बुलडोजर चलाने के दौरान मलबे में दबकर घायल व्यक्ति की मौत हो गई। गरीबों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। मिर्जापुर में गायब बेटी की खोज में पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई पिछले दिनों 82 मासूम लापता हुए 79 बच्चों को तलाशने में पुलिस नाकाम रही। पुलिस केवल पोस्टर लगाकर बैठ जाती है।  

बीजेपी नेताओं पर उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने कहा कि दबिश के नाम पर पुलिस की दबंगई से एक और जान चली गई। इसके अलावा सिद्धार्थनगर में पुलिस की गोली से महिला की मौत हुई, जबकि मुख्यमंत्री मिशन शक्ति की बात करते हैं और उनकी पुलिस अपराधीतत्वों को संरक्षण दे रही है। यूपी में बीजेपी नेता कभी रेप आरोपी को छुडवाने की पैरवी करते है तो कभी छेड़छाड़ के आरोपी को छुड़ाने के लिए कोतवाली में हंगामा करते हैं।

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