समाजवादी पार्टी ने सात बार करहल विधानसभा सीट पर कब्जा किया है।

UPElections2022: मैनपुरी की इस सीट से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश यादव, 20 फरवरी को होगी वोटिंग

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया था। अब अखिलेश मैनपुरी की करहल सीट से चुनाव लड़ेंगे। अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि अखिलेश आजमगढ़ के गुन्नौर से चुनावी मैदान में आ सकते हैं, लेकिन आज सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने अखिलेश की सीट का ऐलान कर दिया। माना जा रहा है कि इसका प्रभाव आस-पास की अन्य सीटों पर भी पड़ेगा।

गौरतलब है कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का इस सीट से गहरा नाता रहा है। मुलायम सिंह यादव ने करहल के जैन इंटर कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की थी और वे यहां शिक्षक भी थे। करहल मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई से महज चार किलोमीटर दूर है। समाजवादी पार्टी ने सात बार करहल विधानसभा सीट पर कब्जा किया है। इस विधानसभा सीट से 1985 में दलित मजदूर किसान पार्टी के बाबूराम यादव, 1989 और 1991 में समाजवादी जनता पार्टी और 1993, 1996 में सपा के टिकट पर बाबूराम यादव विधायक चुने गए थे। साल 2000 के उपचुनाव में सपा के अनिल यादव विधायक चुने गए थे। इसी तरह 2002 में बीजेपी और 2007, 2012 और 2017 में सपा के टिकट पर सोवरन सिंह यादव विधायक चुने गए।

आस-पास की अन्य सीटों पर भी पड़ेगा असर

वर्तमान में अखिलेश यादव आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं, मैनपुरी समाजवादी पार्टी का गढ़ रहा है और अखिलेश यादव के इस सीट से चुनाव लड़ने से इसका असर आसपास के अन्य जिलों में देखने को मिलेगा। इस सीट पर चुनाव लड़ने से कानपुर और आगरा मंडल की कई सीटों के साथ ही फिरोजाबाद, एटा, औरैया, इटावा, कन्नौज समेत कई सीटों पर असर हो सकता है। क्योंकि ये जिले एसपी के गढ़ माने जाते हैं। ऐसे में अखिलेश के यहां से मैदान में उतरना पार्टी के कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है।

समाजवादी पार्टी का गढ़ 

2017 में करहल विधानसभा सीट से हुए चुनाव में सपा ने सोवरन सिंह यादव पर ही भरोसा जताया था। सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे सोवरन सिंह यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के राम शाक्य को 40 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से हराया।

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