बवाल के दौरान किशोरों से पुलिस की रेकी कराई गई।

प्रयागराज। जुमे की नमाज के बाद कानपुर-प्रयागराज समेत उप्र के कई जिलों में बवाल व आगजनी की घटना इुई थी। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार घटना पूर्व सुनियोजित थी। प्रयागराज के अटाला में हुई घटना की पटकथा कानपुर बवाल वाले दिन ही लिख दी गई थी। पुलिस की अब तक की जांच में करीब-करीब यह सामने भी आ चुका है। इसके लिए किशोरों (कम उम्र के लड़के) की मदद ली गई। उनको एकजुट करने के लिए कोल्डड्रिंक्स और बिरियानी का प्रलोभन दिया गया था। इस हथकंडे से उपद्रवी किशोरों को एकजुट भी कर ले गए और फिर जो कुछ हुआ, वह सामने था।

शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले कुछ लोग अटाला क्षेत्र में पहुंचे। चारों तरफ घूमकर किशोरों से बात की। सूत्रों के मुताबिक बातचीत के दौरान उनको कोल्डड्रिंक्स और बिरियानी खिलाने का लालच दिया। किसे कहां और कितने बजे पहुंचना है, इस बारे में बताया गया। नूरुल्ला रोड से अटाला चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ सात स्‍थानों पर इन्‍हें बुलाया गया था। जैसे ही यह किशोर यहां पहुंचे पहले से बड़ी संख्या में उपद्रवी मौजूद थे। किशोरों को आगे करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इनके साथ यह किशोर भी शामिल हो गए। सात तरफ से एक साथ पत्थरबाजी शुरू की गई थी।

बवाल के दौरान किशोरों से पुलिस की रेकी कराई गई 

किशोरों को गलियों में भेजकर रेकी कराई जा रही थी कि कहीं पुलिस तो नहीं आ रही है। जब वह आवाज देकर भागते तो उपद्रवी वहां से भाग खड़े होते। इस पूरे घटनाक्रम को देखा जाए तो यह साफ है कि पहले से ही सब कुछ तय था। एक कोई एक दिन की साजिश नहीं थी, बल्कि चोरी-छिपे कई दिनों से यह सब कुछ चल रहा था। 

प्रयागराज और कानपुर की घटना के जुड़ रहे तार

शुक्रवार को एक साथ प्रदेश के कई जनपदों के साथ ही दूसरे राज्यों में हुए उपद्रव में आगे किशोर ही थे। ऐसे में पुलिस अफसरों को संदेह है कि कहीं न कहीं से इसकी पूरी साजिश रची गई। किशोरों को आगे लाकर उनकी आड़ में उपद्रव किया गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि उपद्रवियों को कोई पहचान न सके। वहीं यह भी सामने आ रहा है कि शरारती तत्वों ने कानपुर के बाद प्रयागराज का माहौल खराब करने की कोशिश की। कानपुर में बवाल करने के बाद उपद्रवियों ने प्रयागराज को अपना निशाना बनाया। 

पूरी स्टोरी पढ़िए