आरोप है कि किसानों को कुचलने वाली थार जीप के पीछे चल रही फॉर्च्यूनर में अंकित दास सवार था।

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर हिंसा के आरोपी अंकित दास ने एसआईटी के सामने सरेंडर कर दिया है। अंकित दास की तरफ से सरेंडर के लिए सीजेएम की कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। कोर्ट ने अर्जी का संज्ञान लेते हुए पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी। आरोप है कि किसानों को कुचलने वाली थार जीप के पीछे चल रही फॉर्च्यूनर में अंकित दास सवार था। बता दें कि अंकित दास पूर्व सांसद अखिलेश दास का भतीजा है और इस केस में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र का करीबी है।

जानकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस के भारी दबाव के चलते अंकित दास कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। अंकित सरेंडर करने के लिए वकीलों के साथ पहुंचा था। कल ही अंकित ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी भी दी थी। अंकित के साथ उनका गनर लतीफ भी मौजूद था। वारदात में शामिल फॉर्च्यूनर गाड़ी अंकित की ही थी। दरअसल, पुलिस अंकित दास को ढूंढने के लिए रविवार को लखनऊ के पुराना किला मोहल्ले में उनके घर पर भी पहुंची थी। लेकिन अंकित वहां मौजूद नहीं थे। अंकित के घर पर जाकर भी पुलिस ने उनके बारे में पूछताछ की थी। अंकित दास की तलाश में पुलिस ने कई जगह छापेमारी भी की। 

इन आरापियों की हो चुकी गिरफ्तारी

लखीमपुर के तिकुनिया की इस घटना में तीन वाहनों का इस्तेमाल किया गया था और इसमें एक थार, दूसरी फॉर्च्यूनर और तीसरी स्कॉर्पियो शामिल थीं। वहीं थार द्वारा चार किसानों को कुचलने के बाद वहां पर मौजूद किसानों की भीड़ ने थार और फॉर्च्यूनर को आग के हवाले कर दिया था। जबकि स्कॉर्पियो मौके से फरार हो गई गई थी। आरोप है कि फॉर्च्यूनर में अंकित दास सवार था। इससे पहले लवकुश, आशीष पांडेय और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत शेखर भारती को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

जानें कौन हैं अंकित दास

कांग्रेस के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास का अंकित दास भतीजा है। यूपी में कांग्रेस के अखिलेश दास दिग्गज नेता हुआ करते थे और बाद में वह बसपा में शामिल हो गए थे। अखिलेश दास मनमोहन सिंह सरकार में इस्पात राज्यमंत्री भी रहे थे और उसके बाद उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया था। अखिलेश दास का अप्रैल 2017 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

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