फरार टैक्सी चालक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।

डेली जनमत न्यूज डेस्क। भारत-नेपाल सीमा में उस समय सनसनी फैल गई, जब यहां एक वैन से मानव कंकाल मिले। नेपाल सशस्त्र बल (APF) ने बिहार के अररिया से नेपाल में प्रवेश कर रही एक टैक्सी से 28 मानव कंकाल बरामद किए हैं। भारतीय सीमा क्षेत्र जोगबनी होते हुए नेपाल जा रही एक नेपाली टैक्सी से भारी संख्या में मानव कंकाल बरामद होने से नेपाल और भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि जब्त वाहन पर नेपाली नंबर लगा है, लेकिन यह फर्जी नंबर बताया जा रहा है।

नेपाल सशस्त्र बल (APF) के DIG कमल गिरि ने बताया कि नेपाल पुलिस द्वारा बरामद नर कंकाल के अंग ही हैं। इसमें 28 स्कल हैं। जब्त वाहन नेपाल का नहीं है। गाड़ी का नंबर भी फर्जी है। चेचिस नंबर नेपाल में पंजीकृत नहीं है। उन्होंने बताया कि फरार टैक्सी चालक व उसके सहयोगी को देर रात गिरफ्तार करने के बाद रानी थाने में पूछताछ जारी है।

नेपाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी

स्थानीय लोगों के अनुसार, जोगबनी रेलवे स्टेशन पर नेपाल नंबर की टैक्सियां हैं, जिनमें भारत के प्रमुख शहरों से नेपाल लौटने वाले यात्री सवार होकर नेपाल के शहरों में जाते हैं। इसी क्रम में बुधवार को एक खाली टैक्सी नेपाल की ओर जा रही थी। नेपाली पुलिस ने रानी क्षेत्र के भन्सार के पास वाहन की जांच की तो चालक भारतीय क्षेत्र में घुसकर फरार हो गया। हालांकि नेपाली पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ कर रही है।

सुरक्षा एजेंसी पर उठ रहे सवाल

इधर जोगबनी एसएसबी कैंप प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि इस बात की जानकारी मिली है, लेकिन उन्होंने यह कहकर दूरी बना ली है कि वह इस मामले से अनजान हैं। आपको बता दें कि 100 किमी की खुली सीमा बिहार के अररिया से लगती है, जहां एसएसबी के जवान तैयार रहते हैं। इसके बावजूद सीमा पर तस्करी जारी है। यहां एसएसबी 56 बटालियन तैनात है।  इतनी बड़ी संख्या में नरकंकाल मिलने के बावजूद नेपाल के साथ-साथ भारत की सुरक्षा एजेंसी पर भी सवाल खड़े होते हैं।

पूरी स्टोरी पढ़िए